12 अधर्म को बढ़नो सी बहुत सो को प्रेम कम होय जायेंन, 13 ✝२४:१३ मत्ती १०:२२पर जो आखरी तक धीरज रखेंन, ओकोच उद्धार होयेंन।
12 अधर्म को बढ़नो सी बहुत सो को प्रेम कम होय जायेंन, 13 ✝२४:१३ मत्ती १०:२२पर जो आखरी तक धीरज रखेंन, ओकोच उद्धार होयेंन।