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Romanos 1

22 ि अपनआप िसमझय हय, पर ि बन गयहय, 23 अऊर अविपरमवर महिशवआदमिों, अऊर पकिंों, अऊर जनवरों, अऊर ेंगन जनों ि समनतबदल ो।

24 वजह परमवर उनउनहर एक मन इचों अनअशधतिि ि आपस अपनशरअनदर करे। 25 कहि उनपरमवर सचबदल बनो, अऊर ि उपसनअऊर करी, परमवर बनो, ि िकरहमधनहय! आम

26 परमवर उनमनों ों ौंिो; यहां तक ि उनईयों िसमबनबजअसवभिसमबनरखन लगी। 27 वसआदमईयों ियवहआपस जलन लगो, अऊर आदमिों आदमिों िलज कर अपनरम फर ो।

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