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Romanos 10

1 ऊवों-बहिों, मन अभिअऊर ओकपरमवर थनहय ि ि उदे। 2 कहि मय ििरहहय, ि परमवर पर उनभकि उनसचपर आधिनहीं। 3 कहि ि परमवर सचअनज, अऊर अपनसचिकरन िकर ्, परमवर सचअधनहीं भयो। 4 मसयवसअनकरयि हर िकरय हय परमवर सहसमबनआवय

उदहय सब

5 सचयवसिहय, ओकवरनन तरह करय हययवसआजनय हय रहें6 पर सचिहय, ओककहहय, "तय अपनमन मत कहजि वरपर चढ़ें?" मतलब मसउतवन ी! 7 ां "अधउतरें?" मतलब मसमरयकर ऊपर वन ी! 8 पर कहहय? "परमवर वचन हरजवर हय, ुंअऊर मन हय," उच िवचन आय, हम रचकरज, 9 ि यदि तय अपनुंरभकरे, अऊर अपनमन िकरि परमवर ओख मरयकरयो, तय पकउदयजो। 10 कहि सचमन िकरन हम परमवर सहसमबनआवय हय; अऊर ुंकबकरन ि वय हय11 कहि पविकहहय, "ओकपर िकरेंलजिनहीं ें" 12 यहिों अऊर रयहिों अनतर नह, ि अऊर परमवर सब रभआय अऊर अपनसब बहयत आशििकरय हय ओकरयहय13 कहि कहहय, "रभमदत रयहय बचें"

14 िपर उनिनहीं करयो, ि ओककसें? अऊर नहीं ओकपर कसिकरे? अऊर रचरक िकसें? 15 १०:१५ यशायाह ५२:७अऊर यदि सननन नहीं े, कसरचकरें? जसिहय, "उनवन, समवय हय, अचों समवय !" 16 १०:१६ यशायाह ५३:१पर सब समपर नहीं लगो: यशकहहय, "रभु, हमरसमपर िकरयहय?" 17 अब सननन िउपजय हय अऊर सनतब वय हय जब मसवचन वय हय

18 पर मय कहहय, उननहीं ो? जरहय; कहि िहय,

"उनवर धरतपर,

अऊर उनवचन जगत तक पहुंगय"

19 मय िकहहय, इसएलनहीं नत ो? पहिकहहय,

"मय उनि नह,

हरमन जलन करू;

मय एक िसहि

िं।"

20 १०:२० यशायाह ६५:१ ियशबड़ो िमत कहहय,

"नहीं ूंढत ो, उनिो; अऊर छत नहीं ो,

उन पर मय रगट भय गयो।"

21 १०:२१ यशायाह ६५:२ पर मय इसएल कहहय, "मय िअपनएक आजनहीं नन अऊर िकरन रजतरफ रहो।"

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