Pular para o conteúdo
Publicidade

1 कुरिन्थियो 13:1-7

प्रेम को परिचाय

1 अदि मी अदमी हुन अऊर स्वर्गदूत हुन की जसो बोलू अऊर प्रेम नी रखूँ, ते मी ठनठनातो पीतल, अऊर झंझनाती हुई झाँझ हैं। 2 अदि अगर म भविस्यव्दाणी करूँ सकू, अऊर सारी बात हुन अऊर सारी तरह को समझ ख समझू, अऊर मोखा यहाँ तक पूरो भरोसा हैं कि म टेकड़ा हुन ख अलग दे, पर अदि प्रेम नी रखूँ, ते म कुछ भी नी हैं। 3 अदि म अपन पूरी सम्पत्ति दान कर दूँ। अऊर प्रसिध्द पान का लाने अपनो सरीर दे दे; कि यदि मो म प्रेम को अभाव हैं, ते ऐ से मोखा कुछ भी लाभ नी हैं।

4 प्रेम सान्त रह हैं; अऊर दयालु रह हैं; प्रेम डाह नी करिये हैं: प्रेम अपनी बड़ाई नी करिये हैं अर घमण्ड नी करिये हैं, 5 उ अनरीति नी चल्ये हैं, उ अपनी भलो नी चय्हे, हैं झुझलाता नी हैं, बुरो नी माना हैं। 6 अधर्म को काम हुन 13:6 कुकरमसे खुसी नी होए हैं, पर सच्चो से खुसी होए हैं। 7 उ सारो बात हुन ढाँक लेवा हैं, सब बात हुन को भरोसा करा हैं, सब बात हुन को आसा रखा हैं, सब बात हुन म धीरज धरा हैं।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.