45 असो ही लिखो भी हैं, कि "पहलो अदमी, यानी आदम जीवित प्रानी बनो" अर अनन्त म आदम, जीवन दायक आत्मा बनो। 46 पर पहलो आत्मिक नी हतो स्वाभाविक हता, एकोबाद आत्मिक भेयो। 47 पहलो अदमी जमीन से यानी माट्टी को हतो; दूसरो अदमी स्वर्गीय आय। 48 जसो उ माट्टी को हतो, असो ही वी भी आय जो माट्टी को आय; अर जसो उ स्वर्गीय आय, असो ही वी भी हैं जो स्वर्गीय आय। 49 अर जसो हम न ओको रूप लियो जो माट्टी को हतो असो ही उ स्वर्गीय को रूप भी ले हैं।
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