55 अरे मर ख,
तेरी जय कहाँ रय्ही? हे म?
56 मर ख डंक पाप हैं, अर पाप ख सक्ति नेम हैं। 57 पर परमेस्वर को धन्यवाद होए, जो हमारो प्रभु यीसु मसी ख व्दारा हम ख जयवन्त करिये हैं।
55 अरे मर ख,
तेरी जय कहाँ रय्ही? हे म?
56 मर ख डंक पाप हैं, अर पाप ख सक्ति नेम हैं। 57 पर परमेस्वर को धन्यवाद होए, जो हमारो प्रभु यीसु मसी ख व्दारा हम ख जयवन्त करिये हैं।