15 का तुम नी जाना कि तुमारो सरीर मसी को अंग आय? ते का म मसी को सरीर ले ख उन ख छिनाला पना हुन को जीवन बनाऊँ? कभी नी। 16 का तुम नी जिन्दगी कि जो कोई गलत काम से रह हैं, उ ओखा संग एक सरीर हो जाहे हैं? काहेकि लिखो हैं: "वी दूई एक तन होए।" 17 अऊर जो प्रभु कि भक्ति म रह हैं, उ ओखा संग एक आत्मा हो जाए हैं।
Publicidade