9 पर तुम एक चुनो हुआ जाति अर राज-पदधारी पण्डित हुन समाज, अर सुध्द अदमी, अर (परमेस्वर कि) निज लोग हुन आय, एकोलाने कि जेना तुम ख अन्धकार म से अपनी अद्भुत प्रकास म बुलायो हैं, ओखा गुना प्ररगट करियो। 10 तुम पहले ते कुछ भी नी हते पर अब परमेस्वर कि अदमी आय; तुम पर दया नी हुई हती पर अब तुम पर दया हुई हैं।
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