1 एकोलाने जब कि मसी न आँग म हो ख दुख उठायो ते तुम भी वही इच्छा को अवजार ख जसो धारण करियो हैं, काहेकि जे न सरीर म दुख उठायो उ पाप से छुट गयो हैं,
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1 एकोलाने जब कि मसी न आँग म हो ख दुख उठायो ते तुम भी वही इच्छा को अवजार ख जसो धारण करियो हैं, काहेकि जे न सरीर म दुख उठायो उ पाप से छुट गयो हैं,