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1 Tessalonicenses 1

अभिननदन 1:1 अभिवादन

1 परमवर अर रभमसिसलिसहर कलि, िलवअर िि िे। िरपअर ि िलत

िसलभर1:2 थिस्सलुनीकी हुन को भरोसा

2 हम जब हमरिनतकरनकरैं हम हमसब परमवर धनयवैं, 3 अर अपनपरमवर 1:3 पिता मरभर, अर करहनत, अर हमररभमसआसरज हमकरैं। 4 अरअऊर बहि, परमवर करैं।, हम ैं ि परमवर िैं, 5 ि हमरसमिलनभर पर मर, आत, अर बड़ो भरपहुँैं; जसैं ि हम मरकसबन गयहता। 6 हमरअर रभजसलन करिअर बड़ी बत आति मरजसमिो। 7 असपरकमकििपरदअर अखयपरदसब िनम1:7 आदर्स बन गया। 8 ि मरयहाँ रभसमिमकििअर अखयिबलि परमवर िकरन ि चरसभजगैं। ि हमककई लन ि जररत 9 ि हमकबतैं ि मरइतहमकसइजजत भई अऊर कसतररतपरमवर ि तरफ ििा, जससचअर िपरमवर करन बनिा, 10 अर ओकिि वरपर आन रसखतरहनू, परमवर ििो, ईच1:10 अर्थात वरउतरअर, हम आन रक, बचयगो।

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1 Tessalonicenses
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