5 काहेकि जसा मसी को दुख हुन म हम जादा सामिल होय हैं, असो ही हम सान्ति म भी मसी को दुवारा जादा सामिल होय हैं।
5 काहेकि जसा मसी को दुख हुन म हम जादा सामिल होय हैं, असो ही हम सान्ति म भी मसी को दुवारा जादा सामिल होय हैं।