आखरी दिन हुन म चला चलन
1 पर यू याद रख कि आखरी दिन हुन म कठिन बखत आएँगो। 2 काहेकि अदमी बे मतलबी, धन को लालची, डीगमार, हेकड़, बुराई, माय बाप की बात नी सुनन वालो, नी मानन वालो असुध्द। 3 दया नी करन वालो, माप नी करन वालो, आरोप लगान वालो, असंयमी कठोर, भलो को दुसमन, 4 भरोसा को लायक ढीठ, घमण्ड करन वालो, अर परमेस्वर को नी लेकिन सुखविलास ही को चाहान वालो होएगो, 5 वी धरम को दिखावटी रूप को पालन ते करहे पर ओकी सक्ति ख नकार देहे। ओसे हमेसा दुर रहनु।