1 एकोबाद मीना स्वर्ग म मानलेव बड़ी भीड़ ख बड़ी जोर से असो कहते सुनियो, "हल्लिलूय्याह! उध्दार अर महेमा अर सामर्थ्य हमारो परमेस्वर ही की हैं। 2 काहेकि ओखा निर्नय सच्चा अर भला हैं। ओ ना वा बड़ी वेस्या ख, जो अपनो गलत काम कि चाल चलन से दुनिया ख असुध्द करत रहा, न्याय करियो अर ओ ना अपना दास हुन को खून बदला लियो हैं।" 3 फिर दुसरी बार उनना कहयो, "हालेलूय्या! ओको जलन को धुआँ युगयुग उठते रहेगो।"
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