1 फिर मी न नयो बददल अर नई जमीन ख देखी, काहेकि पहलो बददल (आकास) अर पहली जमीन जाते राई, अर समुंदर भी नी रयो। 2 फिर मीना सुध्द सहर नयो यरूसलेम ख स्वर्ग से परमेस्वर को जोने से उतरते देखियो। वा ओको जसी दुलन को समान हती जो अपनो घरवालो को लाने सिंगर ख होय। 3 फिर मीना सिंहासन म से कोई ख बड़ी जोर से असो बोलते हुए सुनियो, "देखो, परमेस्वर अदमी हुन21:3 मनुस्य को बीच म आयो हैं। उ उनको संग म रहेगो, अर वी ओखा लोग होए, अर परमेस्वर खुद उनको संग म रहेगो अर उनको परमेस्वर होए। 4 उ उनकी आँख हुन से सबरा आँसु पोंछ डालेगो; अर एकोबाद माऊत नी रहन की, अर न सोक, न विलाप, न दुख रहेगो; पहले कि बात जाते राई।"
5 जो सिंहासन पा बठो हतो रहा, ओ ना कहयो, "देख, मी सब कुछ नयो कर देहु हैं।" फिर ओ ना कहयो, "लिख ला काहेकि यी वचन विस्वास योग्य अर सच हैं।"