8 तब पतरस न सुध्द आत्मा से भरख*4:8 परिपूर्ण (परिपूर्ण) होय ख उनसे कहयो, अरे लोग हुन को मुखिया अर सियाना मुखिया
8 तब पतरस न सुध्द आत्मा से भरख*4:8 परिपूर्ण (परिपूर्ण) होय ख उनसे कहयो, अरे लोग हुन को मुखिया अर सियाना मुखिया