11 उ ही म तुम्हारो असो खतना हुयो हैं जे हात म नी होए, अर्थात मसी को खतना जसो सारीरिक को सरीर उतार दी जाए हैं,
11 उ ही म तुम्हारो असो खतना हुयो हैं जे हात म नी होए, अर्थात मसी को खतना जसो सारीरिक को सरीर उतार दी जाए हैं,