4 एक पीढ़ी जाय है, अऊर दूसरी पीढ़ी आवा है, पर धरती हमेसा बनी रहवा है। 5 सूरज निकला है अऊर डुबा भी है, अऊर अपनो निकलन कि दिसा कि तरफ जल्दी से लऊट जाय है। 6 हवा दक्छिन की ओर चला है, अऊर उत्तर की तरफ घुमते जाय है; वा घूमते अऊर चलते जाय है, अऊर अपनी रपतार से हमेसा चलते जाय है। 7 सब नद्दी हुन समुंदर म जा मिलह है, तेभी समुंदर भर नी जावा; जे जगा से नद्दी हुन निकला है, उत्ते ही से वे फिर बहन लग जावा है।