11 ओ न सब कही असो बनायो कि अपनो अपनो समय प वी सुन्दर होवा है; फिर ओ न इंसान हुन को मन म अनादि-अनन्त काल को ग्यान पैदा करियो है, तेभी जे काम परमेस्वर न करियो हे, वहा आदि से अन्त लक इंसान समझ नी सकह।
11 ओ न सब कही असो बनायो कि अपनो अपनो समय प वी सुन्दर होवा है; फिर ओ न इंसान हुन को मन म अनादि-अनन्त काल को ग्यान पैदा करियो है, तेभी जे काम परमेस्वर न करियो हे, वहा आदि से अन्त लक इंसान समझ नी सकह।