13 अऊर ओ म ही तुम प ही, जब तुम न सत्य को वचन सुन्यो जे तुम्हारो उध्दार को अच्छो समाचार आय अऊर जे पर तुम न भरोसा करियो, वादा कियो हुओ सुध्द आत्मा की मोहर लगायो। 14 सुध्द आत्मा हमका छुटकारा हो सका हैं आगे असो सोच ख हमका मिलो हैं, कि परिपक हो जान को बाद हमारो पुरो छुटकारा हो गयो हैं, जो से परमेस्वर कि मेहमा अर बड़ाई होय।