मसी को सरीर म एक जुटता
1 परमेस्वर न तुम इंसान हुन ख बुलायो हैं। तुम अपनो बुलायो जान को हिसाब से चाल चलो यू मोरो तुम से निवेदन हैं, जसो मी प्रभु को लाने गुलामी म हैं। 2 तुम पुरो तरीका से विनम्र, सैयम अर सहनसील बने, प्रेम से एक दुसरा ख सैय लेव
1 परमेस्वर न तुम इंसान हुन ख बुलायो हैं। तुम अपनो बुलायो जान को हिसाब से चाल चलो यू मोरो तुम से निवेदन हैं, जसो मी प्रभु को लाने गुलामी म हैं। 2 तुम पुरो तरीका से विनम्र, सैयम अर सहनसील बने, प्रेम से एक दुसरा ख सैय लेव