22 कि तुम पिछलो चाल चलन को पुरानी इंसानीयत ख जो बहकान वाली मन की मर्जी को हिसाब से भ्रस्ट होते जावा हैं, उतार डालनू। 24 अर एक नयो सुभाव धरे, जेका परमेस्वर न अपनो हिसाब से सिरजीयो हैं अऊर जे धार्मिकता अऊर सच्ची की सुध्दता म दिखई देवा हैं।
22 कि तुम पिछलो चाल चलन को पुरानी इंसानीयत ख जो बहकान वाली मन की मर्जी को हिसाब से भ्रस्ट होते जावा हैं, उतार डालनू। 24 अर एक नयो सुभाव धरे, जेका परमेस्वर न अपनो हिसाब से सिरजीयो हैं अऊर जे धार्मिकता अऊर सच्ची की सुध्दता म दिखई देवा हैं।