25 एको लाने झुट बोलनो छोड ख हर एक अपनो पड़ोस वालो से सही या सत्य बोले, काहेकि हम आपस म एक दुसरा का अंग आय। 26 घुस्सा तो करनु, पर पाप मत करनु; सूरज ढुबनु तक तुमारो घुस्सा नी रहनु चाहिये, 27 अर न सैतान ख अवसर देनु। 28 चोरी करन वालो फिर चोरी नी करन को, वरन भली बात को काम सुरू करनु म अपनो हात से मेहनत करे, एकोलाने कि जेको काम होए ओ ख देन ख ओको जोने कुछ होनू। 29 कोई बुरी बात तुमरो मुंडो से नी निकलनो चाहिये, पर जरूरत को हिसाब से वही निकले जो सुधार को लाने भली होय, ताकि ओसे सुनन वाला पर दया यू कृपा होय।