25 अदमी हुन, अपनी अपनी ओरत से प्रेम रखनू जसो मसी न भी कलेसिया से प्रेम कर ख अपनो तुम ख ओको लाने दे दियो। 26 कि उन ख वचन को दुवारा पानी को सपड़नो से सुध्द कर ख सुध्द बनाय, 27 अऊर ओ ख एक जोर दार उजेरो देन वाली कलेसिया बना ख अपनो जोने खड़ी करे, जेमा न कलंक, न झुर्री, न कोई अऊर असी चीज होय पर सुध्द अर बेकसूर होनो।