1 पोरिया-पारी प्रभु हुन म अपनो माय बाप को कहेना सुनन वाला बनो, काहेकि असो उचित हैं। 2 "अपनी माय अर दादा की इज्जत कर या पहली आग्या हैं जेको संग म वादा भी हैं। 3 कि तोरो भलो होय, अऊर तू जमीन पा जुग जुग जीते रहे।"
4 अरे पोरिया-पारी वाला, अपना पोरिया-पारी ख गुस्सा मत दिलानो, पर प्रभु को ग्यान अर चितावनी देते हुए उनका पालनो पोसनु करनु।