10 एकोलाने प्रभु म अर ओकी सक्ति को प्रभाव म सक्ति साली बना। 11 परमेस्वर का पुरा अऊजार बाँध लेव कि तुम भुत-प्रेत सैतान की चाल को सामने खड़ा रह सके। 12 काहेकि हमारो यू मल्लयुध्द सरीर से या खून अर मांस से नी पर प्रधानता हुन से अर अधिकारी हुन से, अर यू दुनिया ख अन्धकार को हाकिमो से अऊर उ दुराचारी कि आत्मिक सेना से हैं जो बादल स्वर्ग म हैं। 13 एकोलाने परमेस्वर का पुरा अऊजार बाँध लेव कि तुम बुरा दिन म मुकाबला कर सके, अर सब कुछ पुरो कर ख खड़ा रैय सके। रोम को सैनिक
14 एकोलाने सत्य से अपनी कम्मर कस ख, अर धार्मिकता की झिलम पहिन ख, 15 अर पाय हुन म मेल को सुसमाचार की तैयारी का मोचड़ा पहिन ख; 16 अऊर इन सब को संग भरोसा कि ढाल ले ख खड़ा रहनू जसो तुम उ दुस्ट का सब जलन वाला तीर हुन ख बुझा सके। 17 अर उध्दार को टोपा, अर आत्मा कि तलवार, जो परमेस्वर को वचन हैं, ले लेव।