6 जे न परमेस्वर को स्वरूप म हो ख भी परमेस्वर को तुल्य होन ख
अपनो बस म रख कि चीज नी समझ।
7 याने अपनो तुम ख असो सून्य कर दियो,
अर दास को स्वरूप धारण कियो,
अर अदमी का समान म हो ख गयो।
6 जे न परमेस्वर को स्वरूप म हो ख भी परमेस्वर को तुल्य होन ख
अपनो बस म रख कि चीज नी समझ।
7 याने अपनो तुम ख असो सून्य कर दियो,
अर दास को स्वरूप धारण कियो,
अर अदमी का समान म हो ख गयो।