11 यू नी कि मी अपनी कमी का कारन यू कहू हैं; काहेकि मी न यू सिखो हैं कि जिई स्थिति म हैं; ओ म ही म सान्ति रख। 12 मी नम्र होनू भी जानू हैं अर बढनो भी जानू हैं; हर एक बात अर सब स्थिति हुन म मी न भरपूर4:12 तृप्त होनू, भूखो रहनो, अर बढनो-घटना सिखो हैं। 13 जो मो ख सक्ति देवा हैं ओ म मी सब कई कर सका हैं।