Publicidade

Filipenses 4

1 एकअरभई , मन लगरयैं, अर ो, अरिभई , रभतरखड़ा रहो।

वहिसल

2 ओदिअर े, बहििदन करत ूँ, ि रभएक मन रहो। 3 अरसचमददत करन (सहकरी), िनतकरैं ि उन ि मददत करा, ि उन समअर सरमहनत िो, वन ि ििैं।

4 रभहमरहो, िकहैं, रहो।

5 मलतअदमपर परगट ो। रभनजैं। 6 ि िमत करा; पर हर एक िनती, थनअर िनतवरधनयवपरमवर समनउपसिकरिे। 7 तब परमवर ि ि, समझ ैं, मन अर िमसरखे।

8 एकअरभई , सच ैं, अर समैं, अर उचिैं, अर ैं, अर अचैं, अर मन अचैं, सद्‍अर महिि ैं उन पर िलगकरा। 9 िैं, अर करी, अर ैं, अर ैं, उन लन िकरैं, तब परमवर ि ैं रहो।

धनयव

10 रभैं ि अब इतनिििउजगर भई ैं; ि्‍चय एकिहतो, पर मऊकिो। 11 ि अपनकमरन कहैं; ि िैं ि ििि ैं; ि रख12 नमैं अर बढनैं; हर एक अर सब िि भरप ू, रहनो, अर बढनो-घटनिैं। 13 सकि ैं सब कई कर सकैं।

14 अचिि ैं। 15 अरिििो, ैं ि समरच, जब मकिििभयो, तब अर कलिमददत करी। 16 रकजब िसलहता, तब कमकरन एक हतो। 17 ि ूँ ैं पर असफल ूँ ैं बढवे। 18 नजसब ैं, ैं; इपफहतउन भरपगयैं, खदयक, गनकरन बलिैं, परमवर ैं। 19 परमवर अपनधन अनमहिमसैं, हर एक कमकरों 20 हमपरमवर अर ि बड़ाहमहमरये। आम

आखरअभिदन

21 हर एक , मसैं नमसैं। भई ैं, नमसकह ैं। 22 , कर सर घरैं, नमसैं।

23 हमरभमसदय आतरहे।

Veja também

Publicidade
Filipenses
Ver todos os capítulos de Filipenses
Bíblia Online Bíblia Online

Bíblia Online • Versão: 2026-06-28_14-13-17-