एक दुसरो कि मदत करनु
1 अरे भैय्या हुन अर बहिन, अदि कोई अदमी कोई अपराध म पकड़ा भी जाय ते तुम जे आत्मिक हैं, नम्रता को संग असा ख संभालो, अर अपनी भी देख भाल रखनू कि तुम भी परीक्छा म मत पढ़नु। 2 तुम एक दुसरा को भार उठानो अर असो तरीका से मसी को नेम ख पुरो करो,