3 भरोसा ही से हम जान जाव हैं, कि पुरी दुनिया की रचना परमेस्वर को वचन को वजे से भई हैं पर असो नी हाय की जे कुछ देखनु म आवा हैं, उ देखी वाली चीज से बन्यो होय।
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3 भरोसा ही से हम जान जाव हैं, कि पुरी दुनिया की रचना परमेस्वर को वचन को वजे से भई हैं पर असो नी हाय की जे कुछ देखनु म आवा हैं, उ देखी वाली चीज से बन्यो होय।