12 काहेकि परमेस्वर को वचन जिन्दो, अर मजबुत अर हर एक दोधारी तलवार से भी बेजा तेज हैं, अर प्रान अर आत्मा ख, अर गाँठ-गाँठ अर गुदा-गुदा ख अलग कर ख आर पार छेद देह हैं अर मन कि भावना ख अर विचार ख परख लेवह हैं। 13 परमेस्वर से कोई भी दुनिया कि चिज ओसे नी छिपी हैं लेकिन जो से हम ख काम हैं, ओकी आँख को सामने सब चीज खुली अर प्ररगट हैं।