28 असो ही मसी भी बेजा को पाप को उठावान को लाने एक ही बार बलि हुओ, अर जे अदमी ओकी रस्ता जोहते हैं उन को उध्दार को लाने दुसरी बार बिना पाप उठाए हुओ दिखाई देह।
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28 असो ही मसी भी बेजा को पाप को उठावान को लाने एक ही बार बलि हुओ, अर जे अदमी ओकी रस्ता जोहते हैं उन को उध्दार को लाने दुसरी बार बिना पाप उठाए हुओ दिखाई देह।