27 मोरी भेड़ी हुन मोरी आवाज सुना हैं; मी उनका जानु आय, अर वी मोरो पिछु-पिछु चला हैं; 28 अर मी उनका हमेसा तक को अनन्त जीवन देऊ आय। वी कभी नास नी होन की, अर कोई उनका मोरो हात से छुड़ा नी सकन को
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27 मोरी भेड़ी हुन मोरी आवाज सुना हैं; मी उनका जानु आय, अर वी मोरो पिछु-पिछु चला हैं; 28 अर मी उनका हमेसा तक को अनन्त जीवन देऊ आय। वी कभी नास नी होन की, अर कोई उनका मोरो हात से छुड़ा नी सकन को