यीसु को जनम को बारे म
26 छटवो महीना म परमेस्वर को तरफ से जिब्राईल स्वर्गदूत को, गलील नाम को नासरत सहर म, 27 एक कुंवारी को नजीक भेजो गयो जेकी मंगनी यूसुफ नाम दाऊद को घरानो को एक व्यक्ति से भई हती; वा कुँवारी को नाम मरियम हतो। 28 स्वर्गदूत न मरियम को पास अन्दर आयो अर कहयो, "आन्नद अर जय तोरी होय जो पर प्रभु परमेस्वर को दया भयो हैं! प्रभु तोरो संग म हैं।"
29 उ यू वचन से बेजा डर गई, अर सोचन लगी कि या कसी तरीका की आदर हैं? 30 स्वर्गदूत न ओसे कहयो, "अरे मरियम, डरनू मत, काहेकि परमेस्वर को दया तो पर हुओ हैं। 31 देख तू पेट से होए, अर तोरा ख एक पोरिया पैदा होए; तू ओको नाम यीसु रख। 32 उ महान होएगो अर परमप्रधान परमेस्वर को पोरिया कहलायेगो: अर प्रभु परमेस्वर ओके बाप दाऊद को राज्य सिंहासन ओखा देगो, 33 अर उ याकूब को परिवार पर सदा करेगों अर ओको राज को अन्त नी होन को।"
34 मरियम न स्वर्गदूत से कहयो "यु कसो होगो। मी न तो अदमी को जान ही नी हैं।"
35 अर स्वर्गदूत न ओको उत्तर दियो सुध्द आत्मा तो पर उतरेगो, अर परमप्रधान परमेस्वर की सक्ति तो पर छाये करेगों: एकोलाने उ सुध्द जे पैदा होवन वाला हैं। परमेस्वर को पोरिया कहलाएगो। 36 अऊर देखो, सायिनापन म तोरी कुटुम्बी हुन इलीसिबा ख भी, पोरिया होन वालो हैं। अब ओको, जे बाँझ कह हती, छटवा महीना हो रहो हैं; 37 काहेकि जे वचन परमेस्वर की तरफ से होवा हैं उ जबरदस्त रहित नी होवा।
38 मरियम न कहयो "देख मी प्रभु की दासी आय, मोखा तोरो वचन का अनुसार होव।" एको बाद स्वर्गदूत ओखा जोने से चलो गयो।