24 काहेकि जसो बिजली आकास को एक छोर से तड़क ख आकास का दुसरो छोर तक चमका हैं, वसो ही इंसान को पोरिया को भी अपना दिन म आनो होयगो।
24 काहेकि जसो बिजली आकास को एक छोर से तड़क ख आकास का दुसरो छोर तक चमका हैं, वसो ही इंसान को पोरिया को भी अपना दिन म आनो होयगो।