48 अऊर ओको माय बाप ओ ख देख ख अचम्भा म पड़ गयो। ओ कि माय न ओ से कहयो, "पोरिया तुमन हमारो संग म असो काहे कियो? देख तुमारो बाप अर मी चिन्ता हतो, अर तुम ख ढूँढ रयो हतो।"
49 ओ ना ओसे कहयो, तुम मोखा काहे ढूढ़ा हैं? "का तुम नी जानत आय कि मोखा अपनो बाप को मंदिर म रहनो जरुरी हैं?" 50 पर जो बात ओ न उनसे कही, उन ना ओ से नी समझ।
51 तब वी उनको संग नासरत सहर गयो, अर उनको अधीन रह। अऊर ओकी माय न यी सब बात हुन ख अपनो मन म सजायो रखो।