6 उ यहाँ नी, पर जी उठो हैं। स्मरण (याद) कि ओ न गलील म रहत हुओ तुम से कहयो हतो, 7 अवस्य हैं कि इंसान को पोरिया पापी हुन को हात म पकड़यो जाएगो, अर सूली पर चढ़ायो जाएगो, अर तीसरो रोज जिन्दो उठयो।"
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6 उ यहाँ नी, पर जी उठो हैं। स्मरण (याद) कि ओ न गलील म रहत हुओ तुम से कहयो हतो, 7 अवस्य हैं कि इंसान को पोरिया पापी हुन को हात म पकड़यो जाएगो, अर सूली पर चढ़ायो जाएगो, अर तीसरो रोज जिन्दो उठयो।"