जसो झ़ाड़ वसो फल
43 "कोई अच्छो झाड़ नी जो निकम्मा फल लाए, अर नी ते निकम्मो झ़ाड़ हैं जो चोक्खो फल लाए। 44 हर एक झाड़ अपन फल से पहचानता जावा हैं; काहेकि अदमी झाड़ी हुन से अंजीर नी तोड़त अर नी झड़बेरी से अंगूर। 45 चोक्खो अदमी अपन मन के भले भण्डार से भली बात निकलत हैं, अर बुरो अदमी अपन मन के बुरो भण्डार से बुरो बात निकलत हैं; काहेकि जो मन म भरो हैं ऊईच ओको मुँह पर आवह हैं।