म्याल पा दिया
16 "कोई दिया जला ख बर्तन को नीच्चो नी ढाँकत, अर नी खटिया को निचे रखह हैं, पर म्याल (दीवट) पर रखत हैं कि अन्दर आनवालो ख उजालो मिले।
16 "कोई दिया जला ख बर्तन को नीच्चो नी ढाँकत, अर नी खटिया को निचे रखह हैं, पर म्याल (दीवट) पर रखत हैं कि अन्दर आनवालो ख उजालो मिले।