प्रभु यीसु को पिछु चलन को मतलब
34 यीसु न भीड़ ख अपना चेला हुन को समेत नजीक बुला ख उनका कहयो, "जे भी कोई मारो पिछु आन ख होए, उ अपनो खुद को इंकार करे अर अपनो सूली उठा ख उ मोरा पिछु चले। 35 काहेकि जो अपनो जान बचानो चाहे उ ओखा खोयगो, पर जे भी कोई मोरो अर सुभ समाचार को लाने अपनो जान खोयगो; उ ओ ख बचाएगो। 36 अदि अदमी पुरो संसार ख पा लेहे अर अपनो जान कि हानि उठाहे, ते ओखा का फायदा होए? 37 अदमी अपनी जान को बदला का देहे? 38 जे भी कोई या छिनाला अर पापी जात को बीच मोसे अर मोरी सिक्छा से अर मोसे लजाहे; इंसान को पोरिया भी जब उ सुध्द स्वर्ग दूत हुन को संग अपनो बाप कि सक्ति सहित आहेगो; तब ओसे भी लजाहे।"