23 पर जे सक कर ख खाता हैं उ सजा को योग्य ठहर चूको, काहेकि उ विस्वास से नी खाऐ; अर जे कुछ विस्वास से नी, उ पाप हैं।
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23 पर जे सक कर ख खाता हैं उ सजा को योग्य ठहर चूको, काहेकि उ विस्वास से नी खाऐ; अर जे कुछ विस्वास से नी, उ पाप हैं।