25 ओ ख परमेस्वर न ओको खून को कारन एक असो पचताप ठहरायो, जे विस्वास करन से कामकारी होव हैं, कि जे अपराध पहले कियो गयो अऊर जीन पर परमेस्वर न अपनो सहनसीलता का कारन याद नी दियो। उन को बारे म उ अपनो धार्मिकता प्ररगट करिये।
25 ओ ख परमेस्वर न ओको खून को कारन एक असो पचताप ठहरायो, जे विस्वास करन से कामकारी होव हैं, कि जे अपराध पहले कियो गयो अऊर जीन पर परमेस्वर न अपनो सहनसीलता का कारन याद नी दियो। उन को बारे म उ अपनो धार्मिकता प्ररगट करिये।