8 अर जे सारीरिक मजबूरी म हैं, वी परमेस्वर ख खुसी नी कर सक हैं।
9 पर जब कि परमेस्वर को आत्मा तुम म बसो हैं, ते तुम सारीरिक मजबूरी म नी पर आत्मिक मजबूरी म होव। अदि कोई म मसी को आत्मा नी ते उ ओ ख जान नी।
8 अर जे सारीरिक मजबूरी म हैं, वी परमेस्वर ख खुसी नी कर सक हैं।
9 पर जब कि परमेस्वर को आत्मा तुम म बसो हैं, ते तुम सारीरिक मजबूरी म नी पर आत्मिक मजबूरी म होव। अदि कोई म मसी को आत्मा नी ते उ ओ ख जान नी।