22 पर परमेस्वर को वचन पर चलन वालो बनो, अर केवल सुनन वाला ही नी जे अपना तुम ख धोखा देवा हैं। 23 काहेकि जे कोई वचन ख सुनन वालो होए अर ओ पर चलन वालो नी होए, ते उ उस अदमी को समान आय जे अपनो खुद को मुडो ख आईना म देखा हैं। 24 एकोलाने की उ अपनो तुम ख देख ख चलो जावा अर तुरत भूल जावा हैं कि वह कसो हतो।
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