5 वसो ही जीभ भी एक छोटी सी अंग आय अर वह बडी-बडी डीगें मारह हैं।
देखो, थोडी सी आग म कितनो बडो जंगल म आग लग जाय आय। 6 जीभ भी एक आगी आय; ओमा अधर्म को दुनिया से भरो पडो हैं; अर पुरो सरीर पर कलंक लगावा हैं अर जिन्दगी कि गति म आगी लगा देवा हैं, अऊर नरक कुण्ड कि आगी म से जलती रहव हैं।