15 अर भरोसा की विनती को लाने रोगी बच जाएगो अर प्रभु उठा ख हो ख खडो करहे, अर अगर ओ न पाप भी करयो हैं ते ओकी भी माप करे जाहे। 16 एकोलाने तुम आपसी म एक दुसरा को सामने अपनो अपनो पाप ख मान लेव अर एक दुसरो को लाने प्रार्थाना करो जसो चंगा हो जाओ धर्मी अदमी की प्रार्थना को सक्तिसाली से बेजा कुछ हो सकह हैं।