Pular para o conteúdo
Publicidade

Tito 1

धनयव(अभिदन)

1 तरफ परमवर अर मसिआय,

परमवर अदमभरअर सचचई ि पहिजसभकि जसैं, 2 अननवन आसपर 1:2 प्रतिग्या परमवर , सकसनतन करतआयैं, 3 पर बखत अपनवचन परचपरघट करो, हमउधकरन परमवर अनिगयो।

4 , भरि घड़ी सहभिसचिआय:

परमवर अर हमउधकरन मसतरफ दयअर ि िलत

5 एकआये, अर कहिसहर-सहर िअदमकरे। 6 कसअर एक घरवघरव, िऊपर भरकरन अर उनमचई पन अर सतअर7 ि अधयकपरमवर भणकसिे; हट करन ो, करन ो, िियककड़, रपकरन ो, अर कमई करन , 8 पर घर आयिजवऊन करन अर भलई हन ो, सहन करन ो, करन ो, अर अपनइनतन िे। 9 अर भरकरन वचन धरम ि ििैं, खडरहि खरसमझसकअर बहस करन कर सके।

10 ि ़ेअदमि, बहस करन अर ैं; कर खतन1:10 खतनावालो े। 11 इनकबनकरनिे। अदमकमई िघर घर िगडैं। 12 उन एक जन , उन भवियवकआय ैं, "अदमसदा, नवर, अर आलसैं।" 13 गवसचैं, एकउन खरई जतिकर ि भरपक, 14 अर यहि कथयनअर अदमआदमन लगा, सचचई भटक ैं। 15 अदमसब , पर असअर अविी, पर उनकअकल अर समझ1:15 विवेक असैं। 16 कहाँ ैं ि हम परमवर ैं पर ओकमनकरैं; ि िकरन अऊर कहनन आय, अर भलयक

Veja também

Tito
Ver todos os capítulos de Tito