6 जे बेकसूर अर एक ही घरवाली को घरवालो होय, जोका पोरिया पारी यीसु को ऊपर भरोसा करन वाला होय अर उनमा लुच्चई पन अर नीरंकुसता को अरोप नी होय। 7 काहेकि अध्यक्छ ख परमेस्वर को भण्डारी होन को लाने बेकसूर होनो चाहिये; न हट करन वालो, न घुस्सा करन वालो, न दारू पिन वालो पियक्कड़, न मारपीट करन वालो, अर न नीच कमई को लोब करन वालो होय, 8 पर घर आया वाला मिजवान हुन की पोऊन चारी करन वालो अर भलई ख चाहन वालो, सहन करन वालो, न्याय करन वालो, सुध्द अर अपनी इन्द्री ख जीतन वालो होनो चाहिये। 9 अर उ भरोसा करन वालो वचन पा जो धरम कि सिक्छा को हिसाब से हैं, खडो रहे कि खरो ग्यान से समझा सके अर बहस करन वाला को मुण्डो का भी बंद कर सके।