11 काहेकि परमेस्वर कि वा दया परघट हैं, जो सब अदमी हुन को उद्धार को कारन आय, 12 अर हमका जतावा हैं कि हम अभक्ति अर दुनिया की इच्छा से मन ख फेर ख या दुनिया म धीरज अर धरम अऊर नेक पन से जीवन बिताँय;
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11 काहेकि परमेस्वर कि वा दया परघट हैं, जो सब अदमी हुन को उद्धार को कारन आय, 12 अर हमका जतावा हैं कि हम अभक्ति अर दुनिया की इच्छा से मन ख फेर ख या दुनिया म धीरज अर धरम अऊर नेक पन से जीवन बिताँय;