14 पुण जो माणुह बोगवानान जीवान वातु स्वीकार नाह किरेत, काहाकाय तान नेजरी माय फोगवाल्यु वातु हेत्यु, एने तो ताह जाण सिकेह काहाकाय तान पारेख चोखाला जीवान रिती केरीन इती रिथे। 15 जा माय बोगवानान जीव हे तो आखो काय पारेख लिथे, पुण तो सोता कुणीच पारखाय नाह जात।
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